छत्तीसगढ़ में विष्णु देव सरकार के नए धर्मांतरण विरोधी कानून ने कांग्रेस और उसके ‘क्रिप्टो क्रिश्चियन’ समर्थकों के पेट फाड़ दिए! आजीवन कारावास और 25 लाख तक जुर्माने की सजा वाले इस कड़े कानून पर अमित जोगी और भूपेश बघेल छाती पीट रहे हैं। आखिर डर किस बात का? जब चोरी न की हो तो घबराहट क्यों?
अजीत जोगी का 29 मई 2020 को ईसाई रीति से अंतिम संस्कार ही साफ सबूत है कि वे आखिरी दिनों में क्रिश्चियन आस्था से जुड़ चुके थे। अब बेटे अमित जोगी धमतरी के विरोध प्रदर्शनों में नजर आते हैं, जहां उन्हें क्रिश्चियन समुदाय और परंपराओं के साथ देखा गया। क्या ये हिंदू आरक्षण और राजनीतिक फायदा लूटने का खेल है? आदिवासी नेता भोजराज नाग जैसे नेताओं ने साफ मांग की- धर्म बदल चुके को आरक्षण का लाभ नहीं!

चोर की दाढ़ी में तिनका सा साफ दिख रहा! अंधविश्वास, लालच और ताकत के बल पर भोली-भाली छत्तीसगढ़िया जनता का धर्मांतरण होता रहा। चंगाई सभा, प्रार्थना सभा के बहाने मिशनरी तेजी से कन्वर्जन चला रहे थे। अब कानून ने उनकी कमर तोड़ दी!
कांग्रेस का प्रोपेगेंडा शुरू- अमित जोगी ने बवाल मचाया, दीपक बैज वही भाषा बोलने लगे। अर्बन नक्सली, लिबरांडू, वामपंथी और कांग्रेसी सब एक सुर में! गांधी खानदान को खुश करने का यही तरीका? छत्तीसगढ़ी अस्मिता के नाम पर अवसरवादी नेताओं को पहचान लो- ये नए कानून से नकली-असली छत्तीसगढ़िया की पोल खोल रहा है!
क्या अमित जोगी और दीपक बैज एक ही नाव में सवार?



