जगदलपुर: बस्तर की फिजाओं में रविवार को जोश, उमंग और उम्मीद की नई कहानी देखने को मिली, जब हजारों लोगों ने एक साथ मैराथन में भाग लेकर विकास और शांति का संदेश दिया। “बस्तर हेरिटेज फुल मैराथन” के इस आयोजन में 10,000 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी ने इसे खास बना दिया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर के बदलते चेहरे की पहचान है। उन्होंने बताया कि जो लोग कभी नक्सलवाद के रास्ते पर थे, आज वही मुख्यधारा में लौटकर शांति और विकास के लिए दौड़ रहे हैं।
कश्यप ने कहा कि बस्तर ने दशकों तक नक्सलवाद की चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन अब यहां सकारात्मक बदलाव की बयार बह रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप इस तरह के आयोजन क्षेत्र में नई ऊर्जा और विश्वास पैदा कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “बस्तर अब विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और हमें इसे देश के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में शामिल करना है।”
मैराथन में अलग-अलग कैटेगरी रखी गई थी, जिसमें हर उम्र के लोगों ने उत्साह से हिस्सा लिया। यह आयोजन सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और जागरूकता का भी प्रतीक बन गया।
इसी तरह देश के अन्य हिस्सों में भी सामाजिक मुद्दों को लेकर मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। पंजाब के फिरोजपुर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए मैराथन आयोजित की। वहीं बिहार की राजधानी पटना में भी युवाओं ने ‘नशा मुक्त बिहार’ के संदेश के साथ बड़ी संख्या में भागीदारी निभाई।
बस्तर की यह मैराथन साफ संकेत देती है कि अब यह इलाका अतीत की छाया से निकलकर एक नए, सकारात्मक और विकसित भविष्य की ओर बढ़ रहा है।



