आचार्य युवराज पाण्डेय की वाणी से गूंजेगा दंतेश्वरी डायलॉग: कथा, संस्कृति और चिंतन का संगम

Madhya Bharat Desk
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अटल नगर, नया रायपुर में इस बार होने वाला दंतेश्वरी डायलॉग 2025 एक अलग ही रूप लेने जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक दिग्गजों के बीच जो नाम सबसे अधिक उत्सुकता पैदा कर रहा है, वह है राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य श्री पं. युवराज पाण्डेय।

आचार्य युवराज पाण्डेय सिर्फ़ एक कथावाचक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और शास्त्रों की जीवंत परंपरा के वाहक माने जाते हैं। देश के विभिन्न मंचों पर अपनी ओजस्वी वाणी और सहज प्रस्तुति से लाखों लोगों को प्रभावित कर चुके आचार्य जी अब 2 दिसंबर 2025 को दंतेश्वरी डायलॉग में अपने विचार साझा करेंगे।
यह कार्यक्रम मेफेयर लेक रिज़ॉर्ट, अटल नगर में दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित होगा।

इस संवाद में जहाँ राजनीतिक और प्रशासनिक नेतृत्व अपनी नीतियों और दृष्टिकोण पर प्रकाश डालेगा, वहीं आचार्य पाण्डेय अपनी आध्यात्मिक दृष्टि और सांस्कृतिक समझ के माध्यम से एक बिल्कुल अलग आयाम जोड़ेंगे।
उनकी विशेषता यह है कि वे जटिल विषयों को सरल भाषा में कहानियों के माध्यम से समझा देते हैं। यही कारण है कि चाहे सामजिक मुद्दे हों, मनोवैज्ञानिक चुनौतियाँ या जीवन-प्रबंधन आचार्य जी के उद्बोधन श्रोताओं को भीतर तक छू जाते हैं।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और दंतेश्वरी की भूमि पर, आचार्य पाण्डेय का उपस्थित होना कार्यक्रम को आध्यात्मिक स्पर्श देने वाला है। आयोजकों के अनुसार, वे केवल कथा नहीं सुनाएंगे, बल्कि वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर आधारित संवाद भी करेंगे जिससे दंतेश्वरी डायलॉग का दायरा और अधिक व्यापक हो जाएगा।

वरिष्ठ साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के बीच आचार्य पं. युवराज पाण्डेय की उपस्थिति इस मंच पर सांस्कृतिक-बौद्धिक संतुलन स्थापित करने वाली मानी जा रही है।
कई प्रतिभागी और श्रोता पहले से ही उत्साहित हैं कि इस वर्ष का दंतेश्वरी डायलॉग केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विचार, अध्यात्म और समाज का संगम बनने जा रहा है।

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