नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों को वैश्विक व्यापार के लिए विनाशकारी और अमेरिका के लिए आत्मघाती बताया। उन्होंने कहा कि भारत इन नीतियों से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में है।
आईसीएफएआई फाउंडेशन के 15वें दीक्षा समारोह में बोलते हुए रंगराजन ने कहा कि आज दुनिया में आर्थिक उथल-पुथल का माहौल है। विभिन्न देशों के व्यापारिक समूहों का उदय हो रहा है, लेकिन इनका अंतिम लक्ष्य विश्व व्यापार को और अधिक स्वतंत्र और व्यापक बनाना होना चाहिए।
रंगराजन ने उम्मीद जताई कि जल्द ही अमेरिकी नीति-निर्माताओं को अपनी नीतियों की वास्तविकता का अहसास होगा। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि उन्हें सद्बुद्धि आएगी और वे समझेंगे कि अपनाई गई नीतियाँ अमेरिका और दुनिया दोनों के लिए हानिकारक हैं।”
भारत की असमान आर्थिक वृद्धि
पूर्व गवर्नर ने बताया कि देश की वृद्धि दर असमान है। केवल छह राज्य — महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल — राष्ट्रीय आय में 52 प्रतिशत का योगदान करते हैं। वहीं शेष राज्यों का योगदान 48 प्रतिशत है। उदाहरण के तौर पर, गोवा की प्रति व्यक्ति आय बिहार की तुलना में 10 गुना अधिक है।
विकसित भारत का लक्ष्य
रंगराजन ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राज्यों की नामिनल ग्रोथ रेट अलग-अलग है। जैसे — तमिलनाडु को 8.71%, गुजरात को 9.63%, कर्नाटक को 8.77%, महाराष्ट्र को 9.53%, बिहार को 17.4% और उत्तर प्रदेश को 14.5% की दर से बढ़ना होगा।
सामूहिक प्रयास की जरूरत
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का विजन केवल आंकड़ों तक सीमित न होकर एक परिवर्तनकारी यात्रा होना चाहिए। इसके लिए सरकार और समाज दोनों का सामूहिक प्रयास जरूरी है।
पांच मुख्य सुझाव
- निवेश दर में 2% की वृद्धि
- नई तकनीकों को अपनाना
- रोजगार के लिए श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर ध्यान
- स्वास्थ्य और शिक्षा ढांचे का विस्तार
- शिक्षा की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाना



