नई दिल्ली। कांग्रेस में वरिष्ठ नेता शशि थरूर की हालिया टिप्पणियों ने पार्टी के भीतर हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व शैली की तारीफ के बाद से थरूर की निष्ठा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक थरूर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपना नजरिया नहीं बदलते, उन्हें तिरुवनंतपुरम के किसी भी पार्टी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा।
मुरलीधरन ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा, “शशि थरूर अब हमारे साथ नहीं हैं। वह कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य हैं, लेकिन उनके हालिया बयान संगठन की सामूहिक सोच के विपरीत हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस स्थिति में ‘बहिष्कार’ जैसे शब्द का इस्तेमाल करना ही बेमानी है, क्योंकि थरूर अब पार्टी की धारा से अलग हो चुके हैं।
थरूर ने दी प्रतिक्रिया, बोले— “देशहित में अपने विचारों पर कायम रहूंगा”
शशि थरूर ने कोच्चि में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं से जुड़े मामलों पर उन्होंने जो भी रुख अपनाया है, वह पूरी तरह देशहित में है। उन्होंने कहा, “जो लोग मेरी आलोचना कर रहे हैं, वे इस बात को नहीं समझ रहे कि मैं अपने देश और उसके सैनिकों के साथ हूं। मैं अपने विचारों से पीछे नहीं हटूंगा।”
बताया जा रहा है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद थरूर ने सशस्त्र बलों और केंद्र सरकार के पक्ष में बयान दिए थे, जो कांग्रेस नेतृत्व की लाइन से अलग थे। इसी वजह से पार्टी में उन्हें लेकर असंतोष बढ़ा है।



