बिहार में साल के अंत तक संभावित विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी घमासान तेज़ हो गया है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। भाटिया ने तेजस्वी को ‘मौलाना तेजस्वी’ कहकर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद को समाजवादी कहते हैं लेकिन वास्तव में वे तुष्टिकरणवादी हैं।
गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि तेजस्वी और उनके सहयोगी भारतीय संविधान के बजाय शरीयत कानून लागू करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजद और इंडिया गठबंधन की मंशा सिर्फ एक खास वर्ग को सशक्त करना है, जबकि भाजपा सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है।
तेजस्वी की वक्फ कानून पर टिप्पणी पर भड़के भाटिया
भाटिया ने तेजस्वी के उस बयान पर भी सवाल खड़े किए जिसमें उन्होंने संसद द्वारा पारित वक्फ संशोधन विधेयक को ‘कूड़ेदान में फेंकने’ की बात कही थी। उन्होंने पूछा कि क्या तेजस्वी अब संविधान और संसद से भी ऊपर हो गए हैं? उन्होंने कहा कि इस विधेयक की वैधता सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और उस पर टिप्पणी करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है।
’20 महीने नहीं, 10 साल बर्बाद हुए’
तेजस्वी द्वारा सरकार को काम के लिए 20 महीने का और समय दिए जाने की मांग पर भाटिया ने पलटवार करते हुए कहा कि यादव परिवार को जनता ने पहले ही एक दशक से अधिक समय दिया, लेकिन बदले में मिला जंगलराज, भ्रष्टाचार और अराजकता। उन्होंने कहा कि तेजस्वी केवल वंशवाद को बढ़ावा देते हैं और उनकी पार्टी में परिवार के बाहर किसी को नेतृत्व का मौका नहीं दिया गया।
गांधी मैदान की रैली पर टिप्पणी
पटना के गांधी मैदान में वक्फ कानून के विरोध में INDIA गठबंधन की रैली को लेकर भाटिया ने कहा कि ये लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं और अल्पसंख्यकों को डराने का काम कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा का एजेंडा सबके हक और सम्मान की रक्षा करना है, ना कि किसी वर्ग विशेष को खुश करना।



