छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में आज बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां दिनभर आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। बीच-बीच में गरज के साथ बारिश होने के संकेत हैं। इसके साथ ही तापमान में भी हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री रहने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले पांच दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान तेज हवाएं, बिजली गिरने और मेघगर्जन की संभावना बनी हुई है। खासतौर पर शनिवार को कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। वहीं राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा।
मौसम में इस बदलाव के पीछे सक्रिय मौसम तंत्र अहम भूमिका निभा रहे हैं। एक द्रोणिका उत्तरी मध्य प्रदेश से लेकर उत्तरी विदर्भ तक फैली हुई है, जबकि दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन दोनों सिस्टम्स के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके साथ ही आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करें। वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और सतर्क रहें।



