रायपुर। राजधानी के टाटीबंध–भनपुरी मार्ग पर रविवार देर रात निर्माण कार्य में भारी लापरवाही सामने आई, जहां खुले गड्ढे में गिरने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। नाला निर्माण के तहत इंटरलॉक बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसका खामियाजा एक मजदूर को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
पुलिस के अनुसार, हीरापुर चौक के पास प्रस्तावित ओवरब्रिज के नीचे नाली निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी दौरान सड़क पर एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, लेकिन वहां पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। रविवार रात फैक्ट्री से काम खत्म कर घर लौट रहे युवक मुन्ना यादव बाइक सहित उसी गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद न तो पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और न ही ठेकेदार ने मृतक के परिवार से कोई संपर्क किया। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आए। हालांकि मौके की स्थिति यह साफ दर्शाती है कि सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक के भाई ने बताया कि मुन्ना पिछले पांच वर्षों से रायपुर में रहकर मजदूरी कर रहा था। बीते नौ महीने से वह बेंद्री स्थित अलंकार फैक्ट्री में काम कर रहा था। उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। बेटा पहली कक्षा में पढ़ता है, जबकि बेटी महज दो साल की है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी, अब इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।
अधिकारियों और ठेकेदार के बयान
पीडब्ल्यूडी ब्रिज विभाग के सीई सीके कोरी ने दावा किया कि गड्ढे के पास बैरिकेडिंग की गई थी और युवक ने उसे तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहीं ठेकेदार मिथिलेश मिश्रा ने भी यही कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी और बाइक चालक ने बैरिकेड हटाकर अंदर घुसने की कोशिश की।
न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान
इस मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मृतक के परिवार को न्याय दिलाने और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को पीडब्ल्यूडी ईएनसी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। काली मंदिर, आकाशवाणी के पास स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय में दोपहर 12:30 बजे प्रदर्शन आयोजित किया गया है।



