सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर परिसर में नववर्ष के पहले दिन सोमवार सुबह अचानक आग लगने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि मंदिर प्रबंधन और कर्मचारियों की त्वरित सूझबूझ से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और एक बड़ी अनहोनी टल गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग भक्तों द्वारा मन्नत के लिए बांधे गए धागों और चुनरियों के पास जल रहे दीपक से लगी। देखते ही देखते आग ने आसपास रखी सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया और तेजी से फैलने लगी।
नववर्ष पर दर्शन को उमड़ी थी भारी भीड़
नए साल के अवसर पर मां महामाया के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद थे। इसी दौरान मंदिर परिसर के बाहरी हिस्से में रखे दीपक से अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं में भय का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
मंदिर प्रबंधन की सतर्कता से हालात हुए सामान्य
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर प्रबंधन और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग बुझाने का कार्य शुरू किया, जिससे कुछ ही मिनटों में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो राहत की बात रही।
हालांकि आग लगने की वजह से कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में तनावपूर्ण माहौल रहा, लेकिन बाद में दर्शन व्यवस्था को सामान्य कर दिया गया।
श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील
घटना के बाद मंदिर समिति और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से दर्शन और मन्नत के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मंदिर परिसर में आग से संबंधित सुरक्षा नियमों का पालन करने और दीपक जलाने में सतर्कता रखने का आग्रह किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।



