1860 की पीड़ा से आज की पहचान तक: जोहान्सबर्ग में गंगा मैया गाना सुन PM मोदी हुए भावुक

Madhya Bharat Desk
1 Min Read

जोहान्सबर्ग में आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक समारोह के दौरान दक्षिण अफ्रीका के गिरमिटिया भारतीय समुदाय द्वारा प्रस्तुत किए गए ऐतिहासिक गीत गंगा मैया’ ने सभी को भावनाओं से भर दिया। भोजपुरी लोक शैली में रचा यह गीत उन भारतीय मजदूरों की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीदों का प्रतीक है, जिन्हें 1860 से 1911 के बीच इंडेंचर लेबर सिस्टम के तहत भारत से दक्षिण अफ्रीका भेजा गया था।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस प्रस्तुति से गहरे प्रभावित हुए। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘गंगा मैया’ गीत को तमिल भाषा में सुनना एक अनोखा और अभूतपूर्व अनुभव था। प्रधानमंत्री ने लिखा कि इस गीत में उन लोगों का साहस, धैर्य और अदम्य संकल्प झलकता है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी संस्कृति और यादों को जीवित रखने में सफल रहे।

मोदी ने कहा कि गिरमिटिया समुदाय ने गीतों और भजनों के माध्यम से भारत को अपने हृदय में संजोए रखा, और आज भी यह विरासत दक्षिण अफ्रीका में गूँजती है। अपनी जड़ों के प्रति इतना गहरा भावनात्मक संबंध देखकर पूरा माहौल भावविभोर हो उठा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment