17 नवंबर 2025 की सुबह सऊदी अरब से आई एक दर्दनाक खबर ने भारत भर में शोक की लहर दौड़ा दी। मक्का से मदीना जा रही एक बस, जिसमें लगभग 50 यात्री सवार थे, रास्ते में अचानक एक टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि देखते-ही-देखते पूरा वाहन आग के भयंकर गोले में बदल गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 42 भारतीय यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि जीवित बचने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है।
रिपोर्टों से पता चला कि मृतकों में अधिकतर लोग तेलंगाना के हैदराबाद से संबंध रखने वाले नागरिक थे, जो उमरा यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही तेलंगाना सरकार सक्रिय हो गई और पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। केंद्र सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पहचान और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को भी तुरंत सक्रिय कर दिया गया है ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
दूतावास अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान और उनके पार्थिव शरीर भारत भेजने की प्रक्रिया के लिए स्थानीय प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है। इस दुर्घटना ने न केवल कई परिवारों को शोक में डुबो दिया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि हज व उमरा यात्रियों की सड़क सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत कदम उठाने की ज़रूरत है।



